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SIP Investment Kaise Kare - 2024 एसआईपी के प्रकार

V singh
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SIP Investment In Hindi :- नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत हैं. इस ब्लॉग लेख में जहां आज हम आपकों बताने वालें हैं. SIP ( सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान ) के बारे में तो अगर आप  म्युचुअल फंड में निवेश करने के बारे में सोच रहें हों. तो आपके लिए यह लेख बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो सकता हैं. क्योंकि SIP के जरीए बहुत तरीकों से निवेश किया जा सकता हैं।

आज के समय में अगर इंसान को अपना और अपने बच्चो का भविष्य सिक्योर करना हैं. तो निवेश बहुत ही जरूरी हैं, क्योंकि महगाई जिस तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे ही बढ़ी तो आम इंसान के लिए भविष्य में रहना मुश्किल होने वाला हैं. अगर हम बात करें FD,RD अकाउंट की तो हमें अपने निवेश में यहां ज्यादा से ज्यादा 8 प्रतिशत ब्याज की दर से रिटर्न मिलता हैं. हालाकि यहां निवेश करना जोखिम भरा नहीं होता लेकिन रिटर्न देखा जाएं तो बहुत कम है।

SIP Investment Kaise Kare
Types Of SIP

इसी लिए म्युचुअल फंड उन लोगों के लिए निवेश करने के लिए सही है. जो रिस्क लेने की क्षमता रखते हैं. और अपने निवेश में एक बेहतर  यानी 10 से लेकर 30 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा का रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं ।

इस लिए इस लेख में हम आपकों बताएंगे SIP Investment Kaise Kare और एसआईपी शुरू करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें क्या हैं, और एसआईपी के प्रकार ( Types Of SIP ) कितने होते हैं. तो चलिए शुरु करते हैं।

Table of Content (toc )

SIP Investment Kaise Kare - 2024 एसआईपी के प्रकार

आज के समय में SIP के जरीए पैसा निवेश करना बहुत आसान हो गया है. आप ऑनलाइन घर बैठे बहुत कम समय में चटकियो में म्युचुअल फंड्स में एसआईपी इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हो पर अगर आपको यह नही पता की एसआईपी क्या हैं, कितने प्रकार की होती है, इसके फायदे नुकसान क्या है. तो सारी जानकारी आपको इस लेख में मिल जाएगी बस आप ध्यान से पढे।

एसआईपी ( SIP ) क्या हैं ?

SIP यानी सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान को निवेशकों के लिए म्युचुअल फंड्स में निवेश करनें का एक लोकप्रिय और सुविधाजनक तरीका माना जाता हैं. इसके जरीए निवेशक अपने चुने गए Mutual Funds में एक फिक्स्ड समय अंतराल में नियमित रूप से एक निश्चित धनराशि का निवेश करते हैं. SIP कुछ प्रकार के होते हैं चलिए उनके बारे में जानते हैं।

एसआईपी के प्रकार ( Type Of SIP In Hindi )

अगर आप भी म्युचुअल फंड्स में SIP के जरीए निवेश करते हों तो आपको SIP Ke Parkar के बारे में पता होना चाहिए. चलिए आपकों बताते हैं.

  • Fixed SIP
  • Top-up SIP
  • Flexible SIP
  • Trigger SIP
  • Step up SIP
  • स्थाई एसआईपी 
  • एसआईपी इंश्योरेंस

#1- फिक्स्ड एसआईपी ( Fixed SIP )

एक नियमित समय अंतराल में निवेशक द्वारा तय राशि म्युचुअल फंड में डालना फिक्स्ड एसआईपी कहलाता हैं. इसमें निवेशक हर महीने या हर तिमाही या वार्षिक एक तय राशि निवेश करने का विकल्प चुन सकता हैं. फिक्स्ड एसआईपी फाइनेंशियल डिसिप्लीन प्रदान करता हैं . यह SIP करने का सबसे साधारण तरीका हैं. जिसमें ज्यादातर फिक्स इनकम वाले लोग निवेश  करना पसंद करतें हैं।


#2- टॉप अप एसआईपी ( Top-up SIP )

इस प्रकार की SIP में निवेशक अपनी इनकम बढ़ने के साथ समय  समय में एसआईपी की राशि को बढ़ा सकता हैं. और अपने निवेश को बढ़ा सकतें हैं. उदाहरण - मान ले आप प्राइवेट जॉब करते हैं और आपकी सैलरी अभी 25 हजार हैं. जिसमें से आप ने हर महीने 3 हजार की टॉप अप एसआईपी करा रखी है. अब आगे चल कर अगर आपकी सैलरी बढ़ जाती हैं. और अब आप 3 हजार के बदले  5 हजार एसआईपी में इन्वेस्ट करना चाहते हों तो आप टॉप अप एसआईपी के जरीए कर सकते हों.

#3- फ्लेक्सिबल एसआईपी ( Flexible SIP )

म्यूचुअल फंड में SIP के जरीए निवेश करनें के लिए Flexible SIP भी एक बहुत अच्छा तरीका हैं. इसके जरीए निवेशक बाजार की परिस्थितियों और अपनी फाइनेंशियल कंडीशन को देख कर अपनी एसआईपी को घटा या बढ़ा या फिर रोक भी सकतें हैं।

#4- ट्रिगर एसआईपी ( Trigger SIP )

Trigger SIP में निवेशक बाजार की स्थितियों के आधार पर उचित समय देख कर निवेश करता हैं. यहां पर निवेश को बाजार की स्थितियों के आधार पर पहले ही एक प्वाइंट में सेट किया जाता हैं. और जब फंड का NAV उस प्वाइंट तक गिर जाता हैं. तो निवेशक को निवेश करने का अवसर मिलता हैं. इस तरह की एसआईपी का उपयोग ज्यादातर निवेशक लंपसम ( एकमुश्त ) निवेश के लिए करते हैं।

#5- स्टेप - अप एसआईपी ( Step up SIP )

इस प्रकार की एसआईपी में निवेशक कम SIP अमाउंट के साथ निवेश कर समय के साथ उसे महीने, तिमाही या सालाना बढ़ाने की क्षमता रखता है. मान लो आप की सैलरी अभी 20 हजार हैं, जिसमें से 1 हजार की आप ने स्टेप अप एसआईपी करा ली और आपने हर साल 15% Step up करा रखा है तो हर साल  आपके SIP के इंस्टॉलमेंट में 15% की बढ़ोतरी ऑटोमेटिक होगी यानी एक साल होने के बाद आपको 1150 की इंस्टालमेंट भरनी होगी. अब आपकी एसआईपी जीतने साल की भी होगी हर साल SIP की इंस्टॉलमेंट में 15% की बढ़ोतरी होते रहेगी।
इस प्रकार की SIP वह लोग करना पसंद करते हैं जिनकी सैलरी हर साल इंक्रीज होती हैं. अगर आप चाहो तो अपनी सैलरी के हिसाब से 15% की जगह 20 , 25 कितनी भी प्रतिशत  अपने SIP को स्टेप अप करा सकतें हों।

#6- स्थाई एसआईपी ( Permanent SIP )

इस प्रकार की एसआईपी में निवेशक कोई अंतिम तारीख निर्धारित नहीं करता बल्कि वह इसे जब चाहे तब बंद कर सकता हैं. और जब तक चाहे चला सकता हैं. स्थाई एसआईपी उन निवेशकों के लिए अच्छी मानी जाती हैं. जो लॉन्ग टर्म के लिए निवेश कर अच्छा धन एकत्र करना चाहते हैं। 
उदाहरण :- इस एसआईपी में आप जब तक चाहो तब तक निवेश कर सकते हों और जब चाहो इसे बंद करा सकते हों फिर चाहे एक साल बाद हो या 20 साल बाद इसमें कोई अंतिम तारीख निर्धारित नहीं होती।

#7- एसआईपी इंश्योरेंस ( SIP Insurance )


अगर आप एसआईपी कराते हों तो एक बाद का ध्यान रखना बहुत जरूरी हैं. की आप SIP Insurance जरूर ले क्योंकि अगर आपको कुछ हो जाता हैं तो. इंश्योरेंस की राशि आपके नॉमिनी को मिलेगी यह एक  ग्रुप  टर्म इंश्योरेन्स होता हैं. जो अलग अलग कम्पनियों के हिसाब से अलग अलग होती हैं. इसमें नॉमिनी को अधिकतम 50 लाख तक की राशि मिल सकती हैं।

दोस्तों अभी तक इस लेख SIP Investment Kaise Kare में हमनें जाना हैं. की Types Of SIP In Hindi के बारे में लेकिन आखिर एसआईपी कैसे काम करती हैं. चलिए जानतें हैं।

एसआईपी इंवेस्टमेंट शुरू करने से पहले क्या करें।

1- अपना उद्देश्य निर्धारित करें।

आपकों म्युचुअल फंड में एसआईपी करने से पहले अपना उद्देश्य निर्धारित कर लेना चाहिए ताकी आपकों किस प्रकार के फंड में किस प्रकार की एसआईपी शुरू करनी है. और कितने के इंस्टॉलमेंट के साथ करनी है। साथ ही आप कितने प्रतिशत का तक का रिटर्न अपने निवेश में चाहते हो यह आपका क्लियर होना चाहिए इससे  होगा यह की आपको फंड चुनने में मदद मिलेगी और भविष्य में आपका निवेश आपके उद्देश्य को पूरा करने लायक होगा।

2- निवेश के अवधि का निर्धारण करना 

आप एसआईपी में निवेश करनें से पहले निवेश की अवधि का निर्धारण जरूर करें की आपकों कितने समय के लिए निवेश करना है. क्योंकी इससे आपको अपनी बचत की मात्रा का आकलन करने में मदद मिलती हैं. मान लो अगर आपकों 2 साल बाद 10 लाख का निवेश चाहिए तो इसके लिए आपकों आज कितने की एसआईपी करनी होगी उसमें आपकों कितना रिटर्न तक मिल सकता है इसका मोटा मोटा अनुमान आप आज ही लगा सकतें हों निवेश की अवधि निर्धारण से आपको अपनी बचत का आकलन करनें में मदद मिलती हैं।

3- केवाईसी कराना जरुरी 

म्युचुअल फंड में एसआईपी करने से पहले आपकों KYC करना पड़ता हैं. यह बहुत जरूरी होता हैं चाहे आप ऑनलाइन म्युचुअल फंड में निवेश करना चाहते हो या फिर ऑफलाइन एक बार केवाईसी की प्रक्रिया आपको कंप्लीट करनी होगी आप किसी भी म्युचुअल फंड में ऑनलाइन निवेश फंड हाउस, फंड की वेबसाइट, ऐप के जरिए डायरेक्ट कर सकतें हों या फिर किसी ऑनलाइन ब्रोकर के जरिए भी कर सकते हों।

4- म्युचुअल फंड्स का चयन 

आप किस प्रकार के फंड्स में निवेश करना चाहते हो इसका चयन आपको करना होगा म्युचुअल फंड्स कई प्रकार के होते हैं, कम रिस्क वाले, अधिक रिस्क वाले , टैक्स फ्री आदि आप अपनी योजना के हिसाब से किसी अच्छे फंड्स में अपना निवेश लॉन्ग या शॉर्ट टर्म के लिए कर सकते हों।

5- निवेश राशि की तिथि का चयन 

म्युचुअल फंड्स में एसआईपी के मामले में आपको यह तय करना बहुत जरूरी हैं. की हर महीने आपका एसआईपी का इंस्टॉलमेंट किस तारिख को आपके अकाउंट से कटेगा क्योंकि मान लो आप ने  महीने की  शुरुवाती तारिख को एसआईपी का इंस्टॉलमेंट जमा करना तय कर दिया तो इंस्टॉलमेंट की राशि हर महीने उसी तिथि को जमा हो जायेगी, इस लिए यही सही रहता हैं की महीने के बीच में इंस्टालमेंट की राशी जमा की तिथि का चयन रहें क्योंकि बहुत सारे लोगों की सैलरी उनको थोड़ा रुक कर भी मिलती हैं।

6- निवेश की निगरानी करना 

निवेशक को अपने निवेश में निगरानी भी रखनी चाहिए इससे पता चलता हैं. की हमारा निवेश हमें हमारे उद्देश्य के हिसाब से अच्छा परिणाम दे रहा हैं. या नहीं इस लिए निवेश में निगरानी रखना हर निवेशक के लिए बहुत जरूरी होता हैं. ताकी वो अपने पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन कर सके जिससे उसका निवेश अधिक प्रभावशाली हो सकें और अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकें।

Groww के जरिए SIP Investment Kaise Kare 

अगर आपका Groww में अकाउंट हैं तो आप आसानी से म्युचुअल फंड्स में SIP Investment कर सकतें हों और लॉन्ग या शॉर्ट टर्म में अपने निवेश पर अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हों. Groww के जरिए  Mutual Funds में एसआईपी निवेश करना बहुत ही आसान हैं. कैसे चलिए जानतें है।
  • सबसे पहले आप Groww में डिमैट अकाउंट ओपन करें।
  • अब आप Groww के Home Page पर पहुंच जाओगे।
  • जहां आपको सबसे नीचे बीच में Mutual Funds का ऑप्शन मिलेगा जिसमें आपको क्लिक करना हैं।
  • अब आपको कलेक्शन में हाई रिटर्न , टैक्स सेविंग, सिप विथ ₹100, लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप जैसे बहुत सारे ऑप्शन मिलेंगे आपको अपने हिसाब से किसी में जाना है।
  • जिसके बाद आपको बहुत सारे  फंड्स दिखेंगे जिनमें से आपको कोई अच्छा फंड चुन लेना है।
  • फंड चुनने के बाद उसने क्लिक करें नीचे अब आपको Start SIP का ऑप्शन दिखेगा जिसमें आपकों क्लिक करना हैं।
  • और 100, 200, 500, 1000 या उससे भी ज्यादा की एसआईपी शुरू कर देनी हैं।
तो इस प्रकार आप Groww के जरीए म्युचुअल फंड्स में SIP Investment कर अपने उद्देश्य के हिसाब से भविष्य के लिए निवेश कर सकते हों।


SIP Investment के फायदे और नुकसान 

म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी कराने के कुछ फायदे और कुछ नुकसान भी हों सकतें हैं. चलिए उनके बारे में जानतें हैं।

एसआईपी के फायदे ( Advantages Of SIP In Hindi )

Mutual Funds में एसआईपी के जरीए निवेश करनें के बहुत सारे फायदे होते हैं. चलिए उनके बारे में जानतें हैं।
  • High Return और Compounding का फायदा
  • Professional manager की सुविधा
  • Long term goal को प्राप्त करने में सहायता
  • एसआईपी कराने के लिए एक साथ ज्यादा राशि की जरुरत नही 
  • बहुत प्रकार की कैटेगरी में निवेश करनें की सुविधा
  • बहुत कम लागत में निवेश करनें की सुविधा
  • समय की बचत
  • एसआईपी के जरीए निवेश में कम जोखिम
  • एसआईपी से पैसा निकालने में आसानी
  • SIP में निवेश करना बहुत आसान हैं।

एसआईपी के नुकसान ( Disadvantage Of SIP In Hindi )

Mutual Funds में एसआईपी के जरीए निवेश करनें के बहुत सारे नुकसान हों सकते हैं. चलिए उनके बारे में जानते हैं।

  • एसआईपी में रिटर्न की अनिश्चिता का नुकसान
  • Lock-In-Period से नुकसान
  • Expense Ratio का नुकसान
  • Market से कम रिटर्न मिलना
  • गलत एसआईपी योजना में निवेश करने का नुकसान
  • एसआईपी रिटर्न में टैक्स का नुकसान
  • अपना कोई कंट्रोल नही होने का नुकसान
  • Exit load से एसआईपी में नुकसान
  • फंड मैनेजर के बदलने से नुकसान
  • आदि बहुत सारे।
DISCLAIMER-:- म्युचुअल फंड्स निवेश बाजार जोखिम के अधिन हैं. योजना सम्बन्धित सभी दस्तावेजों को सावधानी से पढ़े।

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FAQ:- SIP Investment In Hindi 

प्रश्न - एसआईपी के जरीए किए निवेश पर कितने प्रतिशत का रिटर्न मिलता हैं।
उत्तर - एक्सपर्ट्स की माने तो एसआईपी में रिटर्न औसतन 12 प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक मिल ही जाता हैं।

प्रश्न- SIP में निवेश करने पर क्या जोखिम हैं?
उत्तर - Mutual Funds में किए निवेश पर मार्केट के उतार चढ़ाव का भी प्रभाव पड़ता हैं।

निष्कर्ष:- 

आज के इस ब्लॉग लेख में हमनें जाना की SIP Investment Kaise Kare, एसआईपी के प्रकार , फायदे और नुकसान आशा करते हैं. आपकों यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी और निवेश के बारे में आपको बहुत कुछ अच्छा सीखने को मिला होगा 
धन्यवाद आपका दिन शुभ हों।