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कर्म पर कविता : Poem on Karma in Hindi

V singh
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दोस्तों आज हम कर्म पर एक छोटी सी कविता लेकर आये है, जों गलत कर्म करने वालों को सही राह यानी सत्य के राह में चल कर अच्छे कर्म करने को प्रेरित करेंगी, कर्म करों तो अच्छे करों न की बुरे एक बात याद रखना चाहिए बुरे कर्म करने वालों का नतीजा भी बुरा होता है इसलिए अच्छे कर्म करते रहना चाहिए कर्म पर कविता ( Poem on karma in hindi ) चलिए शुरू करते है |

कर्म पर कविता : Poem on Karma in Hindi

Poem on karma
Karm par kavita 


कर्म पर कविता - बुरे कर्म 

अपने किये गये कर्मो को
तू यही भोग के जायेगा
जों बोयेगा तू आज
कल वही तो काटेगा |

कभी प्यासे को तूने अगर
पानी भी नहीं पिलाया होगा
तो क्या तू कभी भी
अमृत पीने योग्य बन पायेगा |

भूख से तड़प रहे गरीबों की
हक की रोटी अगर तू खायेगा
तो क्या तू कभी भी
छपन भोग खाने योग्य बन पायेगा |

हर जरुरत मंद को आज तू
अगर लात मार के भगाएगा
तो कल जरुरत पड़ने पर
कौन तेरी मदद करने आयेगा |

सच को झूठ बना कर आज तू 
जरूर बेकसूर को सजा दिला देगा
लेकिन कल ऊपर वाले की अदालत से
तुझे कौन बचाने आयेगा |

अपने किये गये कर्मो को
तू यही भोग के जायेगा
जों बोयेगा तू आज 
कल  वही तो काटेगा |

लोभ अहंकार मन में लिए
तू आज ईश्वर का पुजारी बना 
ईश्वर के नाम पर तू आज
लूट - पाट मचा रहा |

दुनिया के नजरों से तो बच जायेगा
पर ईश्वर के नजरों से कैसे बच पायेगा 
अपने किये गये कर्मो को
तू यही भोग के जायेगा |

ईमानदारी का नकाब पहने
भ्रष्टाचार तूने आज फैला रखा
लूट कर गरीबों का पैसा 
तू अपनी तिजोरी भर रहा |

अपने किये गये कर्मो को
तू यही भोग के जायेगा
जों बोयेगा तू आज 
कल  वही तो काटेगा |

बदुआ गरीबों की तू रोज खायेगा
जब तक धर्म के रास्ते में तू नहीं जायेगा
अपने किये गये कर्मो को
तू यही भोग के जायेगा |

आयेगा जब बुलावा ऊपर से तो 
ये पैसा तुझे नहीं बचा पायेगा 
तेरे कर्मो का लेखा जोखा तुझे
नर्क में सुनाया जायेगा |

तब समझ आयेगा तुझे की
मुझे तो कर्म है अच्छा करना था 
असत्य को अलविदा कह कर
सत्य के राह में चलना था |

प्यासे को पानी पिलाना था
भूखे को खाना खिलाना था
जरुरत मद की मदद करनी थी
बेकसूर को बचाना था |

लोभ, अहंकार से दूर रहना था 
ईश्वर को सच्चे मन से पूजना था 
ईमानदार बनकर रहना था
धर्म के मार्ग में चलना था
गरीबों की दुवाए लेनी  थी 
अपने कर्म को करते रहना था |
 
दोस्तों आशा है,की आपको ये कविता पसंद जरूर आयी होंगी अगर आपको कर्म पर कविता ( Poem on karma ) पसंद आयी तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ओर अच्छे - अच्छे कमेंट कर हमारा उत्साह बढ़ाये हम ऐसी ही सुन्दर  कविताएँ आपके लिए लाते रहेंगे ' धन्यवाद आपका दिन शुभ हों '

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