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हिन्दी कविताएँ | कुछ चुनिंदा हिन्दी कविताएँ

V singh
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दोस्तों अगर आपको हिन्दी कविताएँ पढ़ना अच्छा लगता है ओर आप कुछ ऐसी हिन्दी कविताएँ ढूढ़ रहे है जिनको पढ़कर आपको कुछ सिखने को मिले ओर जो आपको सोचने मे मजबूर कर दे तो आज हम इस पोस्ट मे कुछ चुनिंदा हिन्दी कविताएँ लेकर आये है जिनको पढ़ने से आपको बहुत कुछ सिखने को मिलेगा आपको यहा हिन्दी कविताएँ, जिंदगी पर कविताएँ,  रास्ते पर कविता, पैसे पर कविता, पढ़ने  को मिलेगी 

कुछ चुनिंदा हिन्दी कविताएँ

हिन्दी कविताएँ

1- रास्ते पर कविता 

रास्ते से पूछा मैंने ऐ 
रास्ते तू कहाँ जायेगा
क्या तू  मेरे सपने तक
मुझे  पहुँचा पायेगा 
रास्ते ने जवाब दिया 
तुझे कहाँ जाना है 
मुझे तो हर मुसाफिर को ले जाना है 
मुसाफिर मुझपे चलते है
जिंदगी भर सपने पुरे करने को 
लेकिन हर मुसाफिर अपने 
सपनो तक नहीं पहुँच पाते 
रास्ते मे जब समय -समय पर
जब वो मुश्किलों से टकराते
ज्यादातर मुसाफिरो के सपने
वही पर  टूट कर बिखर जाते
लेकिन इन मुश्किलों को
जो मुसाफिर है हरा देता 
वो मुझ पे ही चल कर 
अपने सपनो तक पहुंच पाता 
लेकिन मुसाफिर जीवन मे जो बोयेगा 
 तू वही तो  काटकर खायेगा 
आखरी समय पर जब तुझको 
धर्म, अधर्म के आधार पर तोला जायेगा 
तब यमराज के तरफ से मुझे
तुझे पहुँचा ने का आदेश आएगा 
धर्म की राह मे चलने वालो
को मे स्वर्ग तक पहुंचाता हुँ 
अधर्म करने वालो को मे
नर्क तक छोड कर आता हुँ 
फिर क्यों तू पूछता है मुझसे
की ऐ रास्ते तु कहाँ जायेगा
बल्कि मे तो वहा तुझे ले जाऊंगा
जहाँ जाने के तु काबिल होगा|
                          -Vsingh

2 - सोचा मैंने आज एक कविता लिखुगा 

सोचा मैंने आज मे
एक कविता लिखुगा 
जीवन मे बीते पलों को
पनो में लिख दुगा 
याद करने जब बैठा
मै  बीते पलो को 
सुख - दुःख जीवन भर का 
मुझे याद आ गया
क्या था कल में ,
आज क्या बन गया 
कहाँ था कल में,
आज कहा पहुँच गया 
ये याद कर मै दिन भर
सोचता ही रह गया
मै  बीते पलों को
याद करता रह गया
याद आया मुझे अपना बचपन
याद आये बचपन के खेल
याद आये  मुझे अपने दोस्त
याद आये  मस्ती भरे वो दिन 
याद आयी मुझे अपने परिवार के
उन गुजरे  सदस्यो की
जिनके साथ मैंने अपने जिंदगी के
यादगार पल बिताये थे 
याद आयी मुझे अपनी जवानी
याद आयी सघर्षो की कहानी 
याद आये दुःख भरे  दिन
याद आये सुख भरे दिन 
ये याद करते करते
पूरा दिन निकल गया
सोचा था मैंने आज
एक कविता लिखूगा
जीवन के बीते पलों को
पनो में लिख दुगा 
पर कविता तो न
लिख पाया में  लेकिन 
जिंदगी के बीते यादगार
पलों को याद कर
उनसे  अपने जिंदगी के
बारे में बहुत कुछ सीख गया में 
ये पल मुझे सिखाते है
जिंदगी को कैसे जीना है
ये पल मुझे बताते है
दुःख से कैसे निपटना है 
ये पल मुझे बताते है 
जिंदगी में कैसे आगे बढ़ना है
मुसीबते तो अनेको आयेगी
जिंदगी में हमें इनको हराना है |
                             -Vsingh

 3- पैसो पर कविता

कहाँ आज इस दुनिया मे
पैसे के बिना कुछ होता 
पैसा न होने पर यहाँ एक
गरीब का परिवार हफ्तों भूखा सोता 
बिना पैसो के तो यहाँ
शुद्ध पानी भी नहीं मिलता
बिना पैसो वाले इंसान को
यहाँ मामुली है समझा जाता
यहाँ काबिलियत उसकी देखी जाती
जिसके पास अधिक पैसा होता 
पूरी दुनिया के इंसान आज
पैसे कमाने मे लगे हुवे
न जाने पैसे कमाने के लिए
वो किस रास्ते को अपना रहे
जिसने इंसान को बनाया उस
भगवान की भक्ति भूल बैठा इंसान 
आज पैसे को ही भगवान मान बैठा इंसान
जहाँ कल  इंसान का ज्ञान, सम्मान
ओर इज्जत,ईमान देखा जाता था 
आज वही इंसान का पैसा देखा जाता है
जिस इंसान के पास ज्यादा पैसा 
उसके पक्ष मे अनेको इंसान आ जाते 
वो झूठ को भी सच बनाके
ऐसे दिखाते पैसो के चक्कर मे वो 
सच को जिन्दा ही नोच खाते
कैसे ये देश आगे बढ़ेगा
यहाँ सब बेमान भरे पड़े 
जिन्होंने गरीबो का खून चूस कर 
अपने घर पैसो से भरे है 
गरीब की कौन सुनता है यहाँ
सब के  सब  पैसो मे बिकते 
जहाँ से मिले पैसा उनको ज्यादा
उसी के पक्ष  मे  हें बोलते|
                          -Vsingh

4- मन की बात एक प्यारी कविता 

आओ हम सब मिलकर इस
दुनिया मे आने का फर्ज निभाये 
अधर्म के रास्ते को छोड कर
धर्म के रास्ते को अपनाये 
प्रतिज्ञा करते है  हम आज 
सदा धर्म के राह मे चलेंगे
ओर एक दिन इस कलयुग को
सतयुग मे बदल कर रख देंगे 
प्रेम भाव चारो ओर हम
इस दुनिया मे इतना फैला देंगे 
इस दुनिया को हम जाते जाते
स्वर्ग के समान बना जायेगे|
                            -Vsingh
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