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दोस्ती पर हिन्दी कविताएँ - Poem On Friendship in Hindi

V singh
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Poem On Friendship In Hindi-दोस्तों दोस्त तो सबके होते है आप के भी होंगे लेकिन एक अच्छा दोस्त (Bast friends) वो होता है जो जिंदगी भर आपका साथ नहीं छोड़ता  वो जहाँ भी रहता है आपको को याद करता है आपके हर खुशी, गम में वो आपके साथ  खड़ा रहता है आपके परिवार को वो अपना परिवार समझता है ओर आपका हर मुसीबत में उसका साथ निभाना जिंदगी के हर मोड पर उसके साथ खड़ा रहना एक सच्चे दोस्त (Bast friends) की निशानी है सच्चा दोस्त किस्मत वालो को मिलता है ओर दोस्ती का रिश्ता सबसे अनोखा ओर अनमोल रिश्ता होता है आज हम आपके लिए इस पोस्ट मे दोस्ती पर  हिन्दी कविताएँ  (Poem On Friendship in Hindi) लाये है जो आप को पसंद आयेगी इन कविताओ को आप Friendship day के मोके मे अपने दोस्तों को शेयर कर सकते है,Table of Content (toc )
दोस्ती पर कविता
Dosti Par Kavita In Hindi


दोस्ती पर हिन्दी कविताएँ -Poem On Friendship in Hindi

फ्रेंडशिप पर कविता - याद हैं तुम्हे क्या मेरे दोस्त 

याद है तुम्हे  क्या मेरे दोस्त 
जब हम दोनों बचपन मे
पहली बार मिले थे
तुम मुझे देख मुस्कुराये थे 
मै तुम्हे देख मुस्कुराया था
तुम्हारे  हाथ मे खिलौना देख
मेरा मन जोरो से ललचाया था 
मैंने खिलौने को छीनने
के लिए जो ही हाथ बढ़ाया था 
तुमने मेरे हाथ को
झट से पकड़ दिखाया था 
खिलौना मेरे हाथ मे देकर
जो तुम मुस्कुराये थे 
उस मुस्कुराहट ने हम दोनों
के बीच एक प्यार रिश्ता बनाया 
जिसको ये दुनिया
दोस्ती का रिश्ता कहती है 
तबसे लेकर आज तक
हमारी दोस्ती  ऐसी है 
बिलकुल सोले फिल्म के
जय वीरू के जैसी है 
मोहल्ले मे हमारी दोस्ती
की मिसाले दी जाती है 
धन्यवाद  भगवान को
जिसने मुझे तुम्हारे जैसा दोस्त दिया 
ओर मेरी जिंदगी को
खुशियों से भर दिया
तुमने कभी मुसीबत मे 
मेरा साथ नहीं छोड़ा 
तुमने  मेरे परिवार को
हमेशा अपना परिवार माना
तुम आज भी हर मुसीबत मे
मेरे साथ आ जाते हो 
ओर मुझे मुसीबत से निकलने
का सही रास्ता दिखाते हो 
ओर एक सच्चे दोस्त होने का
फर्ज निभाते हो |

दोस्ती का रिश्ता - हमारी जिंदगी में बहुत सारे रिश्ते होते हैं जिनमें से एक रिश्ता ऐसा होता है जो सब रिश्तो से अनोखा होता हैं जिसे हम दोस्ती का रिश्ता कहते है,

दोस्ती पर कविता - सच्चा दोस्त 

हमारी जिंदगी मे कुछ
रिश्ते बड़े खास होते है
इन खास रिश्तो मे ही 
एक रिश्ता ऐसा होता जो
एकदम अलग ओर अनोखा होता है 
दो अनजान इंसान के बीच
ये धीरे ये ऐसे पनप जाता है 
 हम  इसे दोस्ती का रिश्ता कहते है
दोस्त की क्या बात करुँ
क्या होता सच्चा दोस्त 
दोस्त की क्या बात करुँ
क्या नहीं होता सच्चा दोस्त 
जो बात हम अपने परिवार से
बोलने के लिए डरते है
वो बात अपने सच्चे दोस्त को
सबसे पहले जाकर  कहते है
जिसके बिना हमे बचपन मे कोई
खेल अच्छा नहीं लगता था 
जिसके बिना जवानी मे हम
कोई मस्ती नहीं कर पाते है 
जो हमारे लिए पूरी दुनिया से लड़ जाता है 
जो हर खुशी, गम मे हमारे साथ नजर आता है
वो ही तो हमारा सच्चा दोस्त कहलाता है|

दोस्ती एक ऐसा अनोखा रिश्ता है ओर इस रिश्ते को अनोखा बनाते है हमारे  अनमोल दोस्त इस कविता मे हम दोस्तों पर फनी कविता लाये है जो आपको हँसाएगी भी ओर अपने दोस्तों की याद दिलायेगी भी,

Poem on Friendship - दोस्तों पर फनी कविता 

पूछो नहीं मेरे दोस्त कैसे है 
वो बिलकुल बन्दरो जैसे है
कोई पतला  है कोई मोटा
कोई लम्बा है कोई छोटा 
पूछो नहीं मेरे दोस्त कैसे है 
वो बिलकुल बन्दरो  जैसे है
जब भी घर मे आते उर्दग  मचा जाते
हला गुला करके पुरे मोहल्ले को हिला जाते 
जब भी जाये हम सादी मे
वो अलग ही पहचाने जाते
खाना पेट भर खाकर
वो रात भर डीजे मे उछलते कुदते 
पूछो नहीं मेरे दोस्त कैसे है 
वो बिलकुल बन्दरो जैसे है
लड़ाई हो जाये मेरी कभी
तो वो सब पहुँच जाते है
ओर नाम बता हमें उसका
करके पीछे पड़ जाते है
नाम बताऊ दुश्मन का तो
वो वहा चले जाते है
मेरा बदला लेने के लिए
दुश्मन से  भीड़ जाते है
दुश्मनो की चाहे गैंग हो
वो नहीं उनसे डरते
जाते जरूर चाहे वो 
मार खाकर ही क्यों नहीं आते
आकर वो मुझे पूरी कहानी बताते
बदला ले आये हम
वो बड़ा चढ़ाकर कहते
पूछो नहीं मेरे दोस्त  कैसे है 
वो बिलकुल बन्दरो जैसे है|

सच्चे दोस्त का हमारे जीवन मे अहम रोल है वो हमारे खुशी ओर गम मे हमारे साथ होता है उसके बिना जिंदगी अधूरी हो जाती है इसी दोस्त की दोस्ती पर एक छोटी सी कविता दोस्ती पर कविता मेरा सच्चा साथी 

मित्रता पर कविता -  मेरा सच्चा साथी 

कहते है दोस्ती का रिश्ता
बड़ा खूबसूरत होता है
सच्चा दोस्त वो होता है
जो बुरे वक्त मे साथ होता है 
जो खुशी हो चाहे गम
संग मिलकर सहता है 
उसके बिना ये जिंदगी
अधूरी सी लगती है
वो हो तो जिंदगी
जीने मे मजा आता
वो हो तो डर का सवाल
ही पैदा नहीं होता
मेरा भी एक ऐसा दोस्त है
जो मुझे जान से प्यार है 
दुःखी हो जाऊ मै तो 
वो भी दुःखी हो जाता है
मेरी खुशियों के लिए वो
दुनिया से लड़ जाता है
मै हँसता रहू हमेशा बस
उसको ये ही चाहिए
वो हँसता रहे हमेशा बस
मुझे ओर क्या चाहिए
यु ही हमारा याराना ऐसा ही बना रहे
जो इस जन्म के बाद भी
अगले सात जन्म तक साथ चले|

दोस्त पर कविता - दोस्ती का रिश्ता 

उदास था मै अपनी जिंदगी मे
फिर जिंदगी मे भटकते - भटकते 
मै एक अनजान इंसान से मिला
उसकी मेरी सोच  मिलती थी
कुछ दिन हमारी बातो का 
सिलसिला चलता रहा
बस ऐसे ही चलते -चलते 
उसका ओर मेरा दोस्ती
का रिश्ता चल पड़ा
देखते ही देखते वो
मेरा बेस्ट फ्रेंड बन गया
ओर मेरी उदास जिंदगी को
उसने खुशियों से भर दिया
ओर मुझको जिंदगी
जीना सीखा गया
अब मे कभी भी
उदास नहीं होता हुँ
जब भी उदास होता हुँ
उससे बाते किया करता हुँ ।

Heart Touching Poem on Bast Friends 

कही देखा है तुमने उसे
जो मुझे मेरी जान से प्यारा था
मै अंधा था तो वो मेरे लिए
लाठी का सहारा था
उसके बिना तो ये जीवन
बस बेगाना सा लगता है
उसकी याद मे मेरे
दिन ओर रात उदासी
मे गुजरा करते है 
कही देखा है तुमने उसे
जो मुझे मेरी जान से प्यारा था
क्यों चला गया वो ऐसे
बिना बताये मुझको
वो ही तो मेरा सहारा था 
जो कहता था उम्र भर
मै तेरा साथ निभाउंगा
सात जन्मो तक भी मै 
तेरा दोस्त बनकर जन्म लुगा 
तेरी ऊपर मै जीते जी
कोई मुसीबत नहीं आने दूंगा 
हर खुशियों मे मै तेरे साथ
नाचूंगा ओर गाऊंगा 
कही देखा है तुमने उसे
जो मुझे मेरी जान से प्यारा था
वो दोस्त था मेरा सच्चा
मन का बहुत प्यार था
हिम्मत थी उसके अंदर इतनी
जिसको मै बया नहीं कर सकता
मुझको बचाने के लिए
वो अपनी जान गवा बैठा
कही देखा है तुमने उसे
जो मुझे मेरी जान से प्यारा था
मेरी जान बचा कर वो
मेरे लिए खुदा बन गया 
ओर मुझे इस दलदल में 
मरने के लिए अकेला छोड गया
कास वो दिन नहीं आता तो
आज मेरा दोस्त मेरे साथ होता
खुशियाँ होती जिंदगी मे मेरी
न आज मे ऐसे उदास होता
कही देखा है तुमने उसे
जो मुझे मेरी जान से प्यारा था
मै अंधा था तो वो मेरे लिए
लाठी का सहारा था
यकीन नहीं होता वो मुझे
छोड़ ऐसे  जा सकता है
कही न कही वो आज भी
इसी दुनिया में रहता है 
कही देखा है तुमने उसे
जो मुझे मेरी जान से प्यारा था|

Dosti Par Kavita In Hindi - दोस्ती का नकाब


उसकी बातें सुनकर मैंने उसे
दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया
उसने भी झट से मेरे 
हाथ से हाथ मिला दिया
उसके मेरे दोस्ती के 
चर्चे चारों दिशाओं में फेल गए
में पागल उसकी दोस्ती में 
इतना ज्यादा खो गया
अपने सच्चे दोस्तों को भी
मैं पीछे छोड़ गया 
फिर आ ही गया एक दिन
उसका चहरा मेरे सामने ने
जब बुरे समय में उसने
मेरा साथ छोड़ दिया
तब सच्चे दोस्तो ने ही
उस बुरे वक्त में मेरा साथ दिया।



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